Friday, 16 September 2016

कविता

कविता क्या है?  

सिर्फ़ विचारों का संकलन है या स्वयं  एक विचार है, 

पन्नो पे लिखी मन की बातों का संग्रह  है,

 ह्रदय से  निकली आह है या खुशियों का प्रदर्शन  है,

 छुपा हुआ है जो दर्द  कहीं उसे  प्रकाशित  करने का माध्यम है।   



कविता क्या है? 

आँखों से  गिरा अश्क है या अश्कों से  बसा  संसार  है,

किलकारियों  की गूँज से  भरा कोई खाली मकान है, 

इसका कोई मोल नहीं, इतने कीमती हैं इसके बोल, कि सारे जहाँ मे ये अनमोल है, 

छू  लेती है मनों को सबके,इसके रूप रंग हजार है।   



कविता क्या है?

 ऐहसास  को शब्दों से और शब्दों को ऐहसास  से  जोड़ती एक रेल है, 

इसके डिब्बों  से  झांकती है ज़िन्दगी, 

कही-अनकही, किस्से -कहानियों का कलात्मक संचय है,

इसके सफर  मे खो जाते हैं सभी, ये सुहाने सपनों का आधार है, 

इस  रेल मे सवार यात्रियों का, जीवन  के रसों  से अनोखा मेल है।



कविता क्या है?

गुरूर मिटाती, नकाब हटाती, तो कभी रिश्तों को खंगालती है, 

कभी करती बगावत, कभी अनुग्रह तो कभी चेतावनी देती मशाल है,

समाज की कुरीतियों और दोषों को बेपर्दा करने का प्रयास है,

 सबके समक्ष सत्य को प्रस्तुत करदे ऐसा ठोस  प्रमाण है, 

सदियों  से जिसने चहरा पड़,मन को टटोल डायरियां भरदी, ऐसा इतिहास है। 


   
कविता क्या है? 

इसके शब्दों  के खेल निराले, पल मे हंसादे पल मे रुलादे,

डर से भरदे या एकदम चौकादे, जाने कब किस  करवट मुड़ जाती है, 

चुलबुली सी इतराती,बहलाती,खुद बहकती और कभी समझाती है 

कुछ भी छिपा नहीं है इससे, खोल के रख देती है दिल के राज सभी,

 चाहे सुख हो या दुख ये सबके जीवन का सार जानती है।

   

कविता क्या है?

 हार माने हुओं का हाथ थाम के हौसला देती उम्मीदों की लहर है, 

कलम की ताकत का प्रयोग करती कटारी तलवार है, 

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, साहस का स्वरुप तथा भावनाओं का विवरण  है, 

और क्या कहूँ इसके बारे मे बस जो धमाल मचादे वो कमाल है,

 जो लिखा  है मैने वो  कविता नहीं, कविता का सुन्दर प्रचार है। 

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