सम्मोहित सी मै खिंची चली जा रही हूँ किस ओर ये, दूर से आती इस मोहक धुन के पीछे पीछे
कौन है वो जो इतनी मधुर बांसुरी सुना रहा है मुझे?
है कुछ जाना- जाना सा वो, मुझे कभी न लगा अंजाना सा वो, कुछ इस तरह से है मुझमे समाया सा वो
कौन है वो, जिसे इतनी शिद्दत से अपनाया है मैंने?
उसके एहसास से ही पिघल रही हूँ, पल-पल उसमे ढल रही हूँ, चाशनी सी घुलती मै कभी फिसल रही हूँ कभी संभल रही हूँ
कौन है वो जो अपने रंग में यूँ रंगता जा रहा है मुझे?
पाने से पहले पाया है जिसको,चाहत से ज्यादा है चाहा उसको, मेरी आँखों में जो रौशनी है वही साया है उसका
कौन है वो जो मेरे खाली पन्नों पे अपने हसीं किस्से लिख रहा है और जिन्हें रोज पढ़ा है मैंने?
जो महसूह हो रहा है वो प्यार शब्द से परे है, जो जीने लगे है हम वो ज़िन्दगी कुछ अलग है,
कौन है वो जिसके साथ ये सफर इतना सुहाना लगता है मुझे?
मिला था वो एक हवा के झोके जैसा, ठहरा है अब आकाश के जैसा, बहता है मुझमे सागर के जैसा
कौन है वो जिसे कुछ ऐसे छुआ है मैंने?
रह गया है बाकि बस एक वही, जिसमे मै पूरी खो गयी हूँ कहीं,
कौन है वो जो एक ही रह गया है सब पता मुझे?
रिश्ता ये गहराता जा रहा है, इठलाता सा मन मुझे बहलाता जा रहा है, रचती जा रही हूँ उसकी चाहत में मैं, ऐसा निखार पहली बार मुझपे आ रहा है
कौन है वो जिसने इतनी सुंदरता से सराहा है मुझे?
अनोखा ये मिलन है जिसमे खुद को खोया है और खुद ही को पाया है मैंने
कौन है वो जिसकी सोंधी सी खुशबू से खुद को रिझाया है मैंने?
मेरे खिलते चेहरे का तेज और आँखों की चमक प्रकाश है मेरी उज्ज्वलित रूह का
कौन है वो जिसने अपनी रूह से कुछ ऐसे जोड़ा है मुझे?
मुझे मुझसे ही महोब्बत हो गयी है जबसे पढ़ा है मैंने मेरा नाम उसकी आँखों में
कौन है वो जिसकी नजरों मे खुद को पहचाना है मैने?
वही है मेरी ज़मीं और वही मेरा आसमान, उसी में रहना मुझे और उसी के तले सोना है
कौन है वो जिसके सिवा अब कहीं और ना जा जाना मुझे?
दूर जाता है उसका साया तो मेरा मन सूना हो जाता है, खाली मन में सिर्फ सागर ही रह जाता है और आँखों से छलक जाता है
कौन है वो जिसे कुछ ऐसे आँखों में भरा है और मन में बसाया है मैंने?
मौन सी बैठी चाँद पे मैं, बेसुध सी हूँ बादलों में गुम, खोयी सी इस अनोखे जहाँ मे सुन रही हूँ अद्भुत कहानिया
कौन है वो जो दूर कहीं स्वप्न नगरी में ले जा रहा है मुझे?
दो आत्माओं का मिलान सुना है सबने, दो जिस्म एक जान सुना है सबने,
कौन है वो जिसमे अपनी ही आत्मा का आधा हिस्सा पाया है मैंने?
कौन है वो जो इतनी मधुर बांसुरी सुना रहा है मुझे?
है कुछ जाना- जाना सा वो, मुझे कभी न लगा अंजाना सा वो, कुछ इस तरह से है मुझमे समाया सा वो
कौन है वो, जिसे इतनी शिद्दत से अपनाया है मैंने?
उसके एहसास से ही पिघल रही हूँ, पल-पल उसमे ढल रही हूँ, चाशनी सी घुलती मै कभी फिसल रही हूँ कभी संभल रही हूँ
कौन है वो जो अपने रंग में यूँ रंगता जा रहा है मुझे?
पाने से पहले पाया है जिसको,चाहत से ज्यादा है चाहा उसको, मेरी आँखों में जो रौशनी है वही साया है उसका
कौन है वो जो मेरे खाली पन्नों पे अपने हसीं किस्से लिख रहा है और जिन्हें रोज पढ़ा है मैंने?
जो महसूह हो रहा है वो प्यार शब्द से परे है, जो जीने लगे है हम वो ज़िन्दगी कुछ अलग है,
कौन है वो जिसके साथ ये सफर इतना सुहाना लगता है मुझे?
मिला था वो एक हवा के झोके जैसा, ठहरा है अब आकाश के जैसा, बहता है मुझमे सागर के जैसा
कौन है वो जिसे कुछ ऐसे छुआ है मैंने?
रह गया है बाकि बस एक वही, जिसमे मै पूरी खो गयी हूँ कहीं,
कौन है वो जो एक ही रह गया है सब पता मुझे?
कुछ अजब बात है की आज कल उड़ती भी हूँ और डूबती भी, पंख तो फैला ही चुकी थी, पर,
कौन है वो जिसके संग उड़ने के साथ डूबना भी सीखा है मैंने?रिश्ता ये गहराता जा रहा है, इठलाता सा मन मुझे बहलाता जा रहा है, रचती जा रही हूँ उसकी चाहत में मैं, ऐसा निखार पहली बार मुझपे आ रहा है
कौन है वो जिसने इतनी सुंदरता से सराहा है मुझे?
कौन है वो जिसकी सोंधी सी खुशबू से खुद को रिझाया है मैंने?
मेरे खिलते चेहरे का तेज और आँखों की चमक प्रकाश है मेरी उज्ज्वलित रूह का
कौन है वो जिसने अपनी रूह से कुछ ऐसे जोड़ा है मुझे?
मुझे मुझसे ही महोब्बत हो गयी है जबसे पढ़ा है मैंने मेरा नाम उसकी आँखों में
कौन है वो जिसकी नजरों मे खुद को पहचाना है मैने?
वही है मेरी ज़मीं और वही मेरा आसमान, उसी में रहना मुझे और उसी के तले सोना है
कौन है वो जिसके सिवा अब कहीं और ना जा जाना मुझे?
दूर जाता है उसका साया तो मेरा मन सूना हो जाता है, खाली मन में सिर्फ सागर ही रह जाता है और आँखों से छलक जाता है
कौन है वो जिसे कुछ ऐसे आँखों में भरा है और मन में बसाया है मैंने?
मौन सी बैठी चाँद पे मैं, बेसुध सी हूँ बादलों में गुम, खोयी सी इस अनोखे जहाँ मे सुन रही हूँ अद्भुत कहानिया
कौन है वो जो दूर कहीं स्वप्न नगरी में ले जा रहा है मुझे?
दो आत्माओं का मिलान सुना है सबने, दो जिस्म एक जान सुना है सबने,
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